हिन्दी अकादमी
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सहयोग

वित्तीय एवं अन्य सहयोग

हिन्दी भाषा एवं साहित्य के स्तरीय कार्यक्रमों के लिए सहयोग

महत्त्वपूर्ण अवसरों पर अनेक साहित्यिक विषयों पर गोष्ठियां, कार्यशालाओं,संगोष्ठियों, परिचर्चाओं, वार्ताओं, कवि-सम्मेलन आदि स्तरीय कार्यक्रमों का आयोजन संस्थाओं/विद्यालयों/महाविद्यालयों आदि के सहयोग से किया जाता है। संबंधित संस्था को सचिव, हिन्दी अकादमी, दिल्ली को सहयोग प्राप्ति के लिए आवेदन प्रस्तुत करना आवश्यक है। स्वैच्छिक संस्थाओं को अपने पंजीकरण की छायांकित प्रति अनिवार्य रूप में संलग्न करनी होती है।

लेखकों/स्वयंसेवी संगठनों को सहयोग

दिल्ली में ऐसी अनेक संस्थाएं हैं जो कि हिन्दी के प्रचार-प्रसार के काम में संलग्न हैं।इन संस्थाओं द्वारा हिन्दी भाषा और साहित्य के लिए सराहनीय कार्य किये जाते हैं। हिन्दी अकादमी द्वारा हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार से जुड़ी संस्थाओं से सहयोग कर संयुक्त रूप से विचार गोष्ठियाँ, कवि-गोष्ठियाँ, कवि-सम्मेलनों, जयंतियों, सेमिनार आदि का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से हिन्दी जन-जन में प्रचारित और प्रसारित होती है। इस योजना के अन्तर्गत अकादमी दिल्ली के विद्यालयों/विश्वविद्यालयों/स्वयंसेवी संस्थाओं/ट्रस्टों द्वारा आयोजित साहित्यिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए लेखकों/कलाकारों/कवियों को प्रायोजित करती है और कार्यक्रमों के आयोजनों में सहयोग प्रदान करती है।

संस्थागत सहयोग

दिल्ली की विभिन्न पंजीकृत स्वैच्छिक संस्थाओं के सहयोगसे अनेक क्षेत्रों में काव्य - गोष्ठी, विचार-गोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन भी समय-समय पर किया जाता है।

विद्यालय/महाविद्यालय के साथ संयुक्त कार्यक्रम

दिल्ली के विद्यालयों/महाविद्यालयों में भाषण, वाद-विवाद, प्रश्न मंच,साहित्यिक गीत गायन, साहित्यकार परिचय, प्रतियोगिता, साहित्यिक अंताक्षरी जैसी प्रतियोगिता का आयोजन समय-समय पर किया जाता है।

दिल्ली सरकार के साथ संयुक्त कार्यक्रम

दिल्ली सरकार के निर्देश पर विभिन्न सम्मेलनोंविचार-गोष्ठियों, कवि-सम्मेलनों, मेलों के आयोजनों में सक्रिय भागीदारी।

लघु पत्र-पत्रिकाओं को सहयोग

प्रचार-प्रसार की दृष्टि से लघु समाचार-पत्रों/पत्रिकाओं का एक विशेष महत्व है।लघु पत्र-पत्रिकाएं प्रायः आर्थिक सहायता के अभाव में या तो समय पर निकल नहीं पाती या फिर उनका प्रकाशन ही बन्द करना पड़ता है। अकादमी द्वारा उनकी निरन्तरता बनाए रखने तथा पाठकों को रोचक, शिक्षाप्रद तथा साहित्यिक सामग्री उपलब्ध कराने के उद्‌देश्य से दिल्ली से प्रकाशित होने वाली सामाजिक तथा साहित्यिक महत्व की पत्रिकाओं को विज्ञापन के माध्यम से आर्थिक सहयोग दिया जाता है।

अकादमी हिन्दी के प्रचार-प्रसार मे महत्वपूर्ण योगदान कर रही डी.ए.वी.पी. से अनुमोदितलघु पत्र-पत्रिकाओं को विज्ञापन देकर सहायता प्रदान करती है। इसके साथ ही साहित्यिक पत्रिकाओं एवं विशेष अवसरों पर प्रकाशित होने वाली स्मारिकाओं को विज्ञापन देकर सहयोग/सहायता दी जाती है। विज्ञापन प्राप्ति के लिए संबंधित समाचार-पत्र/पत्रिका को सचिव, हिन्दी अकादमी को सहयोग के लिए आवेदन-पत्र भेजना अनिवार्य है। दृश्य एवं प्रचार निदेशालय, भारत सरकार द्वारा अनुमोदित हिन्दी के समाचार-पत्रों के साथ-साथ अन्य पत्रिकाओं/स्मारिकाओं को विज्ञापन देकर सहयोग प्रदान किया जाता है।

प्रकाशन सहयोग

अकादमी द्वारा हिन्दी भाषा और साहित्य को बढ़ावा देने के उद्‌देश्यका उक्त योजना के अन्तर्गत अप्रकाशित पांडुलिपियों के प्रकाशनार्थ आर्थिक सहयोग दिया जाता है। इसके लिए प्राप्त पाण्डुलिपियों की जाँच विशेषज्ञों तथा चयन का काम अकादमी की उप-समिति की सहायता से किया जाता है। स्वीकृति राशि के बराबर अकादमी द्वारा प्रकाशित पुस्तकें ले ली जाती हैं जिन्हें अकादमी द्वारा अपने तथा स्वैच्छिक संस्थाओं के पुस्तकालयों में भेज दिया जाता है। साथ ही ये पुस्तकें प्रतियोगियों को पुरस्कार के रूप में भी दी जाती हैं। पुस्तक प्रकाशन सहायता के लिए उदीयमान सृजनशील लेखकों को प्राथमिकता दी जाती है।

संकट ग्रस्त साहित्यकार आर्थिक सहयोग

दिल्ली के उन साहित्यकारों को यह सहयोगप्रदान किया जाता है जो आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं।


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