दिल्ली में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के संवर्द्धन, प्रचार-प्रसार
और विकास के उद्देश्य से 1981 में तत्कालीन दिल्ली प्रशासन में स्वायत्तशासी
संस्था के रूप में हिन्दी अकादमी की स्थापना की। दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति
एवं भाषा विभाग के निर्देशन में हिन्दी अकादमी अपनी स्थापना के समय से ही भाषायी, साहित्यिक
तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रसार में रचनात्मक भूमिका निभा रही है। अकादमी के
कार्यक्रमों तथा गतिविधियों के क्रियान्वयन और नियोजन में निर्णय एवं परामर्श के
लिए अध्यक्ष,
हिन्दी अकादमी मुख्यमंत्री, दिल्ली दो वर्ष की
अवधि के लिए संचालन-समिति गठित करती है। अकादमी की संचालन-समिति के सदस्य के रूप
में 25 जाने-माने साहित्यकार, लेखक विशेषज्ञ, पत्रकार आदि नामित किए जाते
हैं। यह समिति सभी योजनाओं और प्रस्तावों तथा बजट का अनुमोदन करती है। इसके अलावा
अकादमी में समय-समय पर विभिन्न कार्यों के निष्पादन/निर्णय के लिए अलग-अलग
समितियां बनायी जाती है जो उपयुक्त दिशा-निर्देशन के साथ-साथ यह सुनिश्चित करती हैं
कि योजनाओं के अंतर्गत लाभ उठाने वालों के चयन में निष्पक्षता बरती जाए।